श्री हरी विष्णु चालीसा अर्थ सहित | Vishnu Chalisa In Hindi Lyrics Image PDF | Vishnu chalisa ka Paath

श्री विष्णु चालीसा अर्थ सहित 

 श्री विष्णु चालीसा/ Vishnu chalisa in Hindi- विष्णु चालीसा भगवान विष्णु देव का पाठ करना, उन्हें याद करना है। 

विष्णु चालीसा एक भजन है जिसमें भगवान विष्णु के 1,000 नाम शामिल हैं। भगवान विष्णु हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं और वैष्णववाद में सर्वोच्च देवता हैं।

भगवान विष्णु दया के सागर हैं। अगर आप उसे प्यार से बुलाओ तो वह सबकी पुकार का जवाब देता है। 

श्री विष्णु  वैष्णववाद के भीतर सर्वोच्च व्यक्ति हैं, जो समकालीन हिंदू धर्म की प्रमुख परंपराओं में से एक है। 

वैष्णववाद में, विष्णु सर्वोच्च प्राणी हैं जो ब्रह्मांड की रचना, रक्षा और परिवर्तन करते हैं। 

यहां आप श्री विष्णु चालीसा ( Vishnu Chalisa) हिंदी में लिखी हुई हैं। अंग्रेजी में भी उपलब्ध है ताकि आप पाठ को आसानी से पढ़ सकें। 

कुछ आगे श्री विष्णु चालीसा अर्थ सहित दिए गया हैं ताकि आप आसानी से पढ़ सके.

Yahaan aap vishnu Chalisa ko pooree Hindi mein arth sahit padh sakate hain. English mein bhee upalabdh hai taaki aap paath ko aasaanee se padh saken.


|| Lord Vishnu chalisa in Hindi Lyrics ||
श्री विष्णु चालीसा | श्री विष्णु चालीसा इन हिंदी


श्री विष्णु चालीसा (Lord Vishnu chalisa) में भगवान विष्णु जी के असीम कृपा, इनके महत्ता, इनका कृपा करने की बिधि, विष्णु भगवन को खुस करने की सरे बिधि, विष्णु जी ने हर एक युग में अपनी लीला से धर्म को रक्षा और डस्ट पापी को संहार किये सब के बारे में लिखी गयी हैं. 

श्री विष्णु चालीसा इन हिंदी| विष्णु चालीसा सुपरफास्ट 

lord vishnu chalisa image

।।दोहा।। 

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।

कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥

।।चौपाई।।

नमो विष्णु भगवान खरारी,

कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।

प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी,

त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥

सुन्दर रूप मनोहर सूरत,

सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।

तन पर पीताम्बर अति सोहत,

बैजन्ती माला मन मोहत ॥

शंख चक्र कर गदा विराजे,

देखत दैत्य असुर दल भाजे ।

सत्य धर्म मद लोभ न गाजे,

काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥

सन्तभक्त सज्जन मनरंजन,

दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।

सुख उपजाय कष्ट सब भंजन,

दोष मिटाय करत जन सज्जन ॥

पाप काट भव सिन्धु उतारण,

कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।

करत अनेक रूप प्रभु धारण,

केवल आप भक्ति के कारण ॥

धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा,

तब तुम रूप राम का धारा ।

भार उतार असुर दल मारा,

रावण आदिक को संहारा ॥

आप वाराह रूप बनाया,

हिरण्याक्ष को मार गिराया ।

धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया,

चौदह रतनन को निकलाया ॥

अमिलख असुरन द्वन्द मचाया,

रूप मोहनी आप दिखाया ।

देवन को अमृत पान कराया,

असुरन को छवि से बहलाया ॥

कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया,

मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।

शंकर का तुम फन्द छुड़ाया,

भस्मासुर को रूप दिखाया ॥

वेदन को जब असुर डुबाया,

कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।

मोहित बनकर खलहि नचाया,

उसही कर से भस्म कराया ॥

असुर जलन्धर अति बलदाई,

शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।

हार पार शिव सकल बनाई,

कीन सती से छल खल जाई ॥

सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी,

बतलाई सब विपत कहानी ।

तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी,

वृन्दा की सब सुरति भुलानी ॥

देखत तीन दनुज शैतानी,

वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।

हो स्पर्श धर्म क्षति मानी,

हना असुर उर शिव शैतानी ॥

तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे,

हिरणाकुश आदिक खल मारे ।

गणिका और अजामिल तारे,

बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे ॥

हरहु सकल संताप हमारे,

कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।

देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे,

दीन बन्धु भक्तन हितकारे ॥

चाहता आपका सेवक दर्शन,

करहु दया अपनी मधुसूदन ।

जानूं नहीं योग्य जब पूजन,

होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ॥

शीलदया सन्तोष सुलक्षण,

विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।

करहुं आपका किस विधि पूजन,

कुमति विलोक होत दुख भीषण ॥

करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण,

कौन भांति मैं करहु समर्पण ।

सुर मुनि करत सदा सेवकाई,

हर्षित रहत परम गति पाई ॥

दीन दुखिन पर सदा सहाई,

निज जन जान लेव अपनाई ।

पाप दोष संताप नशाओ,

भव बन्धन से मुक्त कराओ ॥

सुत सम्पति दे सुख उपजाओ,

निज चरनन का दास बनाओ ।

निगम सदा ये विनय सुनावै,

पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै ॥

।।दोहा।।

भक्त ह्रदय में बास करें , पूर्ण कीजिये काज | 

शंखचक्र और गदा पद्मा हे विष्णु महाराज || 

॥ इति श्री विष्णु चालीसा ॥

विषय सूची


|| विष्णु चालीसा अर्थ सहित पाठ | |
Vishnu chalisa Hindi arth sahit | Vishnu chalisa in Hindi Meaning 


श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ | Vishnu bhagwan Chalisa

।। दोहा ।।
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूँ दीजै ज्ञान बताय।।


अर्थ : हे सृष्टिकर्ता भगवान विष्णु, अपने कर्मचारी का मन जानिए। आज आपका भक्त इस विष्णु चालीसा से आपके बारे में बता रहा है, कृपया उसे बताओ।


।। चौपाई ।।
नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी।


हिंदी अर्थ : भगवान विष्णु सभी कष्टों व दुखो का नाश करते हैं और सभी का उद्धार करते हैं, उन्हें हम सभी का नमन है।


प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी।|


श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ : आपकी शक्ति संपूर्ण सृष्टि में सबसे शक्तिशाली है और आपका उत्कर्ष तीनों लोकों में व्याप्त हो रहा है।


सुंदर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत।


श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आपका रूप बहुत ही सुंदर, मन को मोह लेने वाला है और आपका स्वभाव एकदम सरल है। आप अपने रूप से सभी का मन मोह लेते हो।


तन पर पीतांबर अति सोहत, बैजंती माला मन मोहत।


नारायण चालीसा हिंदी अर्थ: आपने अपने तन पर पीले रंग के वस्त्र पहने हुए हैं और गले में बैजंती की माला सुशोभित है।


शंख चक्र कर गदा बिराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे।


श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आपने अपने हाथों में शंख, सुदर्शन चक्र, गदा पकड़े हुए हैं जिन्हें देखकर असुरों में भय व्याप्त रहता है।


सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आपके कारण ही इस सृष्टि में सत्य, धर्म इत्यादि की विजय रहती है और काम, क्रोध, मद, लोभ इत्यादि का नाश होता है।


संत भक्त सज्जन मन रंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आप ही संतों, ऋषि-मुनि, सज्जन मनुष्यों की रक्षा करते हो और उनके मन को आनंदित करते हो तो वहीं दूसरी ओर, आप ही असुर, दैत्य व राक्षसों का नाश करते हो।


सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आप ही सुख प्रदान करने वाले हैं और आप ही हम सभी के कष्टों को हरने वाले हैं। आप ही हमारी कमियों को दूर करने वाले हैं और आप ही हमे सद्पुरुष बनाने वाले हैं।


पाप काट भव सिंधु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: भगवान विष्णु के द्वारा ही अपन भक्तों के पापों को नष्ट कर उनका उद्धार किया जाता है और उनके कष्ट दूर कर उन्हें भव सागर पार करवाया जाता है।


करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण।

श्री विष्णु चालीसा इन हिंदी: पृथ्वी पर धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने समय-समय पर कई अवतार लिए हैं और अपने भक्तों का उद्धार किया है।


धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: त्रेतायुग में पृथ्वी पर जब राक्षसों का अत्याचार अत्यधिक बढ़ गया और आपके भक्तों ने आपको पुकारा तो आप श्रीराम का रूप धारण कर पृथ्वी पर अवतरित हुए।


भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: श्रीराम के रूप में आपने राक्षसों के राजा रावण का उसके संपूर्ण कुल व राक्षस सेना के साथ नाश कर दिया और धरती का भार हल्का किया।


आप वराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: हिरण्याक्ष के द्वारा पृथ्वी को समुंद्र में डुबो देने के कारण आपने वराह रूप धारण कर पृथ्वी की रक्षा की व हिरण्याक्ष राक्षस का वध किया।


धर मत्स्य तन सिंधु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: पिछले कल्प के अंत समय में आप मत्स्य रूप धरकर उस कल्प से चौदह रत्नों को बचाकर इस कल्प में लेकर आये और अपनी महिमा को दिखाया।


अमिलख असुरन द्वंद मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: समुंद्र मंथन के समय जब असुरों के द्वारा अमृतपान के लिए अत्यधिक उत्पाद मचाया गया तब आपने मोहिनी रूप धरा।


देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: मोहिनी रूप में आपने देवताओं को अमृत पिलाया जबकि असुरों को अपने रूप में बहलाकर रखा।


कूर्म रूप धर सिंधु मझाया, मंद्राचल गिरि तुरत उठाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: समुंद्र मंथन के लिए आपने कुर्म अवतार धारण किया और मंदराचल पर्वत का भार उठाया।


शंकर का तुम फंद छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: भगवान शिव जब भस्मासुर को दिए वरदान से परेशान हो गए तब आप ने ही स्त्री रूप धरकर भस्मासुर का अंत किया।


वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: जब राक्षसों के द्वारा भगवान ब्रह्मा से वेदों को चुराकर समुंद्र में डुबो दिया गया तब आप ही हयग्रीव अवतार में वेदों को पुनः लेकर आये।


मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आपने स्त्री रूप में भस्मासुर को अपने साथ नृत्य करने के लिए तैयार किया और उसी के वरदान से उसे भस्म कर दिया।


असुर जलंधर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लडाई।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: एक बार जलंधर राक्षस ने अत्यधिक आंतक मचा दिया और भगवान शिव के साथ भयंकर युद्ध किया।


हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: भगवन शिव ने जलंधर से भीषण युद्ध किया लेकिन उसकी पत्नी वृंदा के तप के कारण उसे पराजित नही कर सके और यह देखकर माता सती परेशान हो उठी।


सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: इसके पश्चात माता सती ने आपको ही याद किया और सब समस्या आपको बताई।


तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: माता सती के आग्रह पर आपने वृंदा की तपस्या को भंग करने के लिए जलंधर का रूप धरा और वृंदा के पास गए।


देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: वृंदा ने जब आपको देखा तो वह भी भ्रम में पड़ गयी और अपनी तपस्या छोड़कर आपके पास आ गयी


हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: माता वृंदा के स्पर्श से आपने अपनी गलती भी स्वीकार की और उन्हें सदैव अपने साथ माता तुलसी के रूप में पूजने का आशीर्वाद दिया और दूसरी ओर, भगवान शिव ने जलंधर का वध कर दिया।


तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे।

श्री विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आप ही ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए उसके पिता हिरन्यकश्यप का नरसिंह अवतार में वध किया।


गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे।

हिंदी अर्थ: आपने अपने अनेक गण, भक्त इत्यादि का उद्धार किया है और उन्हें भव सागर पार लगाया है।


हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे।

हिंदी अर्थ: हे भगवन विष्णु!! कृपा हमारे दुखों का भी अंत कीजिए और हम पर अपनी कृपा दृष्टि बनाइए।


देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे।

हिंदी अर्थ: मैं प्रतिदिन ही आपके दर्शन करता हूँ। आप ही याचकों, निर्धनों, भक्तों के लिए शुभ फल देने वाले हैं।


चहत आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन।

हिंदी अर्थ: आपका सेवक आपके दर्शन करने से बहुत खुश है और वह आपसे अपने ऊपर कृपा रखने की याचना कर रहा है।


जानूं नहीं योग्य जप पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन।

हिंदी अर्थ: मैं नादान हूँ प्रभु और इतना तप-यज्ञ के बारे में नही जानता, मैं केवल आपका ही स्मरण करता हूँ।


शीलदया संतोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण।

Vishnu chalisa In Hindi meaning: मुझ पर अपनी दया दिखाइए प्रभु और मुझे व्रत इत्यादि विधि के बारे में इतना पता नही है।


करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण।

हिंदी अर्थ: मैं अज्ञानी आपका किस विधि के अनुरूप पूजन करूँ, अज्ञानता में मुझसे कोई भूल ना हो जाए अन्यथा इसका दुःख बहुत भीषण होगा।


करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: मैं आपको विधिपूर्वक प्रणाम करता हूँ और आपके सामने अपना संपूर्ण समर्पण करता हूँ।


सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ:  देवताओं, ऋषि-मुनियों ने सदैव ही आपकी सेवा की है और परम हर्ष को प्राप्त किया है।


दीन दुखिन पर सदा सहाई, जिन जन जान लेव अपनाई।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आपने सदा ही दीन, दुखियों इत्यादि पर अपनी कृपा दृष्टि रखी है और उन्हें अपना बनाया है।


पाप दोष संताप नशाओ, भव बंधन से मुक्त कराओ।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आप ही हम सभी के पाप, दोष, कमियों को दूर करने वाले हो और हमे सभी सांसारिक बंधनों से मुक्त कर हमारा उद्धार करने वाले हो।


सुत संपत्ति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: आप ही हमे संतान, संपत्ति देकर सुख देते हो और अब हमे अपने चरणों का दास बनाकर हमे मुक्त कीजिए।


निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै।

विष्णु चालीसा हिंदी अर्थ: निगम सदा ही सभी से यह प्रार्थना करता है कि जो कोई भी यह विष्णु चालीसा पढ़ता है या दूसरों को सुनाता है, वह सदैव सुख पाता है।


विष्णु चालीसा के लाभ | Vishnu Chalisa ke Labh


विष्णु चालीसा एक प्रसिद्ध हिंदी चालीसा है जो भगवान विष्णु की महिमा बताता है। यह पढ़ना या सुनना आपको विष्णु भगवान की कृपा, आशीर्वाद, रक्षा और मानसिक शांति दे सकता है। विष्णु चालीसा पढ़ने के कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं:

1. भक्ति और निष्ठुरता की भावना: व्यक्ति विष्णु चालीसा (vishnu chalisa) पढ़कर भक्ति और समर्पण की भावना जगाती है। इससे व्यक्ति भगवान विष्णु के प्रति निरंतर आस्था रखता है।

2. आत्मबल का विकास: विष्णु चालीसा (vishnu chalisa) का पाठ मन को शांत करने में मदद करता है और तनाव को कम करता है। यह चालीसा आत्मशक्ति को बढ़ाती है और व्यक्ति को जीवन में आने वाली चुनौतियों को साहस से सामना करने में सक्षम बनाती है।

3. दुर्भाग्य और प्रतिद्वन्द्वी से छुटकारा: विष्णु चालीसा (Lord vishnu chalisa) पढ़ने से दुर्भाग्य, बुरी दृष्टि और अशुभ ग्रहों के दोषों से छुटकारा पाया जा सकता है। यह पाठ व्यक्ति को दुश्मनों और शत्रुओं से बचाता है।

4. व्यक्तिगत सुख-शांति: श्री विष्णु लक्ष्मी चालीसा (Shri Vishnu laxmi chalisa) का पाठ घर को सुख, शांति और समृद्धि दे सकता है। यह चालीसा एक व्यक्ति को समृद्धि के मार्ग में मदद करती है और परिवार और समाज में सकारात्मक संबंध बनाने में मदद करती है।

5. मुक्ति: व्यक्ति विष्णु चालीसा ( Shri Vishnu Chalisa) पढ़कर मोक्ष पाना चाहता है। यह चालीसा आपको अपने आध्यात्मिक उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करता है।

यह कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं जो नारायण चालीसा (Narayan Chalisa) पढ़ने से मिल सकते हैं। ध्यान रहे कि भक्ति, श्रद्धा और समर्पण से चालीसा पढ़ने से ये लाभ मिलते हैं।


विष्णु चालीसा के पाठ कैसे करें?


आप अगर विष्णु चालीसा पढ़ने वाले हैं तो आपको अबस्सेय जानलेना चाहिए की कैसे श्री विष्णु चालीसा पाठ करते हैं, किस समय करना चाहिए और कुछ. 

विष्णु चालीसा के पाठ के नियम और विधि क्या है?

विष्णु चालीसा पढ़ने के लिए इन कदमों का पालन करें:

सबसे पहले तैयारी, तैयारी किसी भी मंत्र जप करने का सबसे अधिक महत्ता पूर्ण चरण माना जाता हैं. आप किसी बस्त्र और किसी भी जागह नहीं कर सकते, उनके लिए आपको 

ध्यान दें कि आप शांत, स्वच्छ और शुद्ध होकर पूजा करने को तैयार हैं। चालीसा पढ़ने के लिए एक शांत स्थान चुनें।

शुद्धिकरण अवश्य करना चाहिए। स्नान करना, अपने हाथ, पैर, चेहरे और गर्दन को अच्छी तरह से धोना, एक साफ कपड़ा पहनना और विष्णु चालीसा का पाठ करना बहुत अच्छा है। जैसे ही आप इस पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे, भगवान विष्णु भी प्रसन्न होंगे।

इसके बाद आप कुछ पूजा सामग्री जैसे धूप, दीप, फूल, भगवान विष्णु का पसंदीदा भोजन, उनके कपड़े लेकर बैठें। और अपने सामने विष्णु देव की तस्वीर रखें, अगर उसमें माता लक्ष्मी हों तो बेहतर है

मंत्र का जाप करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है, आपको मंत्र का सही उच्चारण करना होगा, उस मंत्र का अर्थ जानना होगा।

कुश के आसन पर बैठें, स्थिर रहें और अपने मन को एकाग्र करें, कुछ देर शांति से ध्यान करें और इसके साथ ही विष्णु चालीसा का ध्यानपूर्वक पाठ करें। याद रखें चालीसा का पाठ शुद्ध उच्चारण के साथ अधिक प्रभावशाली होता है।

चालीसा का पाठ करते हुए भगवान विष्णु के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण बढ़ाएं। आप उनके विभिन्न नामों का जाप भी कर सकते हैं, जैसे, “ओम नमो भगवते वासुदेव”।

विष्णु चालीसा का पाठ करने के बाद आरती करें और विष्णु को फूल, धूप, दीप और प्रसाद चढ़ाएं।

नियमित रूप से विष्णु चालीसा पढ़ने से आप भगवान विष्णु की कृपा, आशीर्वाद और सभी प्रकार की समृद्धि पा सकते हैं। यह आपकी आत्मा, शरीर और मन को शुद्ध करने, प्रसन्न करने और धार्मिक विकास में मदद कर सकता है।

कब और कैसे विष्णु चालीसा का पाठ कर सकते हो?

प्रति गुरुवार यानी बृहस्पतिवार संध्ये करूं श्री नारायण चलिसार पाठ. या फिर आप हर एकदशी पर विष्णु चालीसा का पाठ कर सकते हैं।


विष्णु चालीसा के मंत्र?


ॐ नमोः नारायणाय नमः। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः। 

विष्णु चालीसा में विष्णु भगवान की महिमा का गुणगान होता है, जिसमें उनके विभिन्न नामों का जाप किया जाता है। यहां विष्णु चालीसा के प्रमुख मंत्र दिए गए हैं:

1. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।

तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।।

2. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

3. ॐ जगन्नाथाय विष्णवे नमः।

4. ॐ केशवाय नमः।

5. ॐ विष्णवे नमः।

6. ॐ माधवाय नमः।

7. ॐ नारायणाय नमः।

8. ॐ गोविंदाय नमः।

9. ॐ विष्णवे नमः।

10. ॐ माधुसूदनाय नमः।

11. ॐ त्रिविक्रमाय नमः।

12. ॐ वामनाय नमः।

13. ॐ श्रीधराय नमः।

14. ॐ हृषीकेशाय नमः।

15. ॐ पद्मनाभाय नमः।

16. ॐ दामोदराय नमः।

17. ॐ सङ्कर्षणाय नमः।

18. ॐ वासुदेवाय नमः।

19. ॐ प्रद्युम्नाय नमः।

20. ॐ अनिरुद्धाय नमः।

21. ॐ पुरुषोत्तमाय नमः।

22. ॐ अधोक्षजाय नमः।

23. ॐ नारायणाय नमः।

24. ॐ अच्युताय नमः।

25. ॐ जनार्दनाय नमः।

विष्णु चालीसा के पाठ में इन मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति भगवान विष्णु के आशीर्वाद और कृपा को प्राप्त करता है और उनकी पूजा एवं आराधना में भक्ति और समर्पण की भावना जागृत होती है। यह मंत्रों का जाप ध्यान केंद्रित करने और भक्ति भाव से करना चाहिए।


विष्णु चालीसा के फायदे? 


विष्णु चालीसा का पाठ करने से कई आत्मिक और धार्मिक लाभ मिल सकते हैं। यह चालीसा भगवान विष्णु की महिमा का गुणगान करता है और उनके प्रति भक्ति और समर्पण को प्रेरित करता है। विष्णु चालीसा पढ़ने से कुछ लाभ हो सकते हैं:

1. आत्मविकास: व्यक्ति विष्णु चालीसा पढ़कर आध्यात्मिक विकास कर सकता है। यह चालीसा भगवान विष्णु के दिव्य गुणों का वर्णन करती है और लोगों को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है।

2. निष्ठा और भक्ति की भावना: विष्णु चालीसा का पाठ भक्ति और समर्पण की भावना को जगाता है। यह चालीसा भगवान विष्णु की पूजा करने वालों को समर्पित है।

3. सुख, आराम और समृद्धि: व्यक्ति विष्णु चालीसा पढ़कर खुशी, शांति और समृद्धि पा सकता है। यह चालीसा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और परिवार में एकता और समझौता बनाती है।

4. परेशानियों से छुटकारा: विष्णु चालीसा पढ़ने से व्यक्ति दुर्भाग्य, अशुभ ग्रहों और अन्य संकटों से बच सकता है। यह चालीसा आपको नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाता है।

5. स्वर्गलोक पाना: आप विष्णु चालीसा पढ़ सकते हैं और स्वर्गलोक पा सकते हैं। भगवान विष्णु की कृपा पाने में यह चालीसा मदद करता है ती है और उन्हें निर्देश देती है।

विष्णु चालीसा पढ़ने से कुछ लाभ मिल सकते हैं। ध्यान रहे कि चालीसा को भक्ति, श्रद्धा और निष्ठा से पढ़ने से ये लाभ मिलते हैं।


VISHNU CHALISA PDF DOWNLOAD | विष्णु चालीसा पीडीएफ डाउनलोड

यहां आपको श्री विष्णु चालीसा के बोल हिंदी में अर्थ सहित मिलेंगे। आप इसे पीडीएफ में भी डाउनलोड कर सकते हैं. डाउनलोड बटन पर क्लिक करें और विष्णु चालीसा स्वचालित रूप से प्रारंभ हो जाएगी।


कुछ जाना अज्ञात – प्रश्न उत्तर


ॐ नमोः नारायणाय नमः। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः। इस मंत्र को जाप करो साथमे देवी लक्समी जी और गणेश जी को भी आयद करें.

विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” (Om Namo Bhagavate Vasudevaya) मंत्र का जाप किया जाता है। 

यह मंत्र भगवान विष्णु के विभिन्न नामों में से एक है और उनके आदेशों का पालन करने, भक्ति और समर्पण की भावना जगाने के लिए उपयुक्त है।

इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति भगवान विष्णु के प्रति आश्रय और विश्वास का विकास करता है, जो भगवान को प्रसन्न करने में सहायक होता है।

विष्णु भगवान के इस मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति को चित्तशुद्धि, मानसिक शांति, और आत्मिक उन्नति होती है।

यह मंत्र भक्ति और श्रद्धा के साथ जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने में सामर्थ्य प्रदान करता है।

यह मंत्र ध्यान और धारणा के साथ जाप किया जाना चाहिए, ताकि मन को एकाग्र करने में सहायता मिले और जाप का अधिक प्रभाव हो। विशेषकर, भगवान विष्णु के पूजा अवसरों पर और उनके विभिन्न उत्सवों पर इस मंत्र का जाप अधिक शुभ माना जाता है।

यह एक सरल और प्रभावशाली मंत्र है जिसका जाप भगवान विष्णु के प्रति आदर्श भावना को जगाने में सहायक होता है।

आप विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं:
आपको भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रति भक्ति और समर्पण की भावना रखनी चाहिए। अपने दिल और मन से उनको सम्मान और आदर से याद करें।

आप विष्णु भगवान की पूजा कर सकते हैं और उनकी आराधना कर सकते हैं। उसकी प्रतिमा, मूर्ति या चित्र के सामने पूजा करें और धूप, दीप, पुष्प और नैवेद्य चढ़ाएं।

आप भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कई मंत्रों का जाप कर सकते हैं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना उनके प्रति प्रेरणा देता है।

आप विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्रत, दान, यज्ञ आदि कर सकते हैं। विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए सेवा भाव भी आवश्यक है। उन्हें दूसरों की मदद करना, दयालु होना और धर्माचरण करना भी अच्छा लगता है।

भगवान को प्रसन्न करने के लिए विश्वास और श्रद्धा दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं। आप उनके आदेशों का पालन करने और उनके चरणों में आत्मसमर्पण करने से उनकी कृपा मिल सकती है।

याद रखें कि भगवान को प्रसन्न करने के लिए सच्ची भक्ति, श्रद्धा और समर्पण की भावना रखना अधिक महत्वपूर्ण है। विष्णु भगवान अपने भक्तों के प्रति हमेशा करुणाशील हैं और उन्हें हमेशा आशीर्वाद देते हैं।


Vishnu Chalisa In English lyrics

Doha

Vishnu Suniye vinay sewak ki chit laye| 

kirat kuch warnan karu dije gyan bataye||

Chaupai

Namo vishnu bhagwan kharari, kashat nashavan akhil vihari || 1||

Prabal jagat mein shakti tumhari, tribhuban fail rahi ujiyari ||2|| 

Sundar roop manohar surat, saral swabjav mohini murat|| 3||

Tan par pitambar ati shohat, Baijanti mala mon mohat || 4||

Shankh Chakra kar gada viraje, dekhat detaye asur dal bhaje || 5|| 

Satya dharm mad lohb na gaje, kam krodh mad lobh na chaje ||6||

Santbhakt sajan manranjan, Danuj asuur Dushtan dal ganjan || 7|| 

Sukh upajaay kasht sab bhanjan, dosh mitaay karat jan sajjan ||8||

Paap kaat bhav sindhu utaaran, kasht naashakar bhakt ubaaran || 9||

Karat anek roop prabhu dhaaran, keval aap bhakti ke kaaran ||10 ||

Dharani dhenu ban tumahin pukaara, tab tum roop raam ka dhaara || 11|| 

Bhaar utaar asur dal maara, raavan aadik ko sanhaara || 12 ||

Aap vaaraah roop banaaya, hiranyaaksh ko maar giraaya || 13 || 

Dhar matsy tan sindhu banaaya, chaudah ratanan ko nikalaaya || 14 || 

Amilakh asuran dvand machaaya, roop mohanee aap dikhaaya || 15|| 

Devan ko amrt paan karaaya, asuran ko chhavi se bahalaaya. || 16||

Koorm roop dhar sindhu majhaaya, mandraachal giri turat uthaaya || 17|| 

Shankar ka tum phand chhudaaya, bhasmaasur ko roop dikhaaya || 18 ||

Vedan ko jab asur dubaaya, kar prabandh unhen dhudhavaaya || 19 || 

Mohit banakar khalahi nachaaya, usahee kar se bhasm karaaya || 20 || 

Asur Jalandhar ati baladaee, Shankar se un keenh ladaee || 21 || 

Haar paar shiv sakal banaee, keen satee se chhal khal jaee || 22 || 

Sumiran keen tumhen shivaraanee, batalaee sab vipat kahaanee || 23|| 

Tab tum bane muneeshvar gyaanee, vrnda kee sab surati bhulaanee. ||24|| 

Dekhat teen danuj shaitaanee, vrnda aay tumhen lapataanee || 25||

Ho sparsh dharm kshati maanee, hana asur ur shiv shaitaanee ||26||

Tumane dhruv prahalaad ubaare, hiranaakush aadik khal maare ||27|| 

Ganika aur ajaamil taare, bahut bhakt bhav sindhu utaare || 28|| 

Harahu sakal santaap hamaare, krpa karahu hari sirajan haare ||29|| 

Dekhahun main nij darash tumhaare, deen bandhu bhaktan hitakaare || 30||

Chaahata aapaka sevak darshan, karahu daya apanee madhusoodan ||31||

Jaanoon nahin yogy jab poojan, hoy yagy stuti anumodan ||32||

Sheeladaya santosh sulakshan, vidit nahin vratabodh vilakshan ||33 ||

Karahun aapaka kis vidhi poojan, kumati vilok hot dukh bheeshan ||34||

Karahun pranaam kaun vidhisumiran, kaun bhaanti main karahu samarpan || 35|| 

Sur muni karat sada sevakaee, harshit rahat param gati paee ||36||

Deen dukhin par sada sahaee, nij jan jaan lev apanaee || 37||

Paap dosh santaap nashao, bhav bandhan se mukt karao || 38||

Sut sampati de sukh upajao, nij charanan ka daas banao ||39|| 

Nigam sada ye vinay sunaavai, padhai sunai so jan sukh paavai ||40||

| Doha | 

bhakt hraday mein baas karen, poorn keejiye kaaj | shankhachakra and gada padma he vishnu mahaaraaj ||

Iti shree vishnu Chalisa. 


vishnu chalisa in hindi youtube


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